हिदायतुल बनात
1. बुलूग की बातें:
- हर महीने जो आगे की राह से मामूली खून आता है उसको अरबी में हैज़ कहते हैं।
- जब किसी लड़की को हैज़ आ गया तो वह शरीअत के एतबार से जवान हो गई।
- जवान होने को शरीअत में बालिग़ होना कहते हैं।
- रोज़ा, नमाज़ वगैरह शरीअत के सब हुक्म अहकाम उसपर फ़र्ज़ हो गए।
- नौ बरस से पहले कोई लड़की बालिग़ नहीं हो सकती अगर उसको खून भी आए तो वह हैज़ नहीं।
- अगर किसी लड़की को हैज़ नहीं आया लेकिन उसकी उमर इस्लामी साल के हिसाब से पूरे पन्द्रह बरस की होचुकी है तब भी वह बालिग़ समझी जाएगी और जो हुक्म बालिग़ पर लगाए जाते हैं अब उसपर लगाए जाएंगे।

